वास्तु विद सुनील कुमार आर्यन
Industrial Vastu Consultant & Trainer
📞 +91 9050090511 🌐 app.vastuclass.in 📍 पानीपत 132105, हरियाणा

वास्तु पद मंडल कैलकुलेटर

प्लॉट को 32 देव पदों में विभाजित करें
सोम पद उत्तर (North) पर स्थिर

यह आकलन डिग्री/दिशा पर निर्भर नहीं करता (सिर्फ़ एक सवाल में एक छोटा दिशा-विकल्प है) — इसलिए सबसे पहले, कंपास से भी पहले किया जा सकता है। नीचे दोनों विकल्प उपलब्ध हैं — जो आपकी स्थिति पर लागू हो, वही खोलें (खाली प्लॉट या बना हुआ भवन)।

औद्योगिक एवं घरेलू वास्तु ऑडिट हेतु डिग्री विश्लेषक — Classic, Feng Shui, Map व Kua Number, चारों मोड एक साथ

Classic
Feng Shui
Map
House
🧭
भूमि दिशा कंपास
Classic Compass
Feng Shui Compass
🗺️ Map Compass
🏠 Feng Shui House
Help
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फ़ोन के magnetometer पर आधारित — HTTPS लिंक पर ही चलेगा (local फ़ाइल पर एरर आएगा)।
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बाहरी रिंग: 24 Mountains (हर घर 15°)। भीतरी अंक: निकटतम 8 Trigram (बागुआ)। यह पारंपरिक चीनी फेंग शुई प्रणाली है — भौतिक ऊर्जा-माप नहीं, सांकेतिक/पारंपरिक संदर्भ है।

मालिक की जन्मतिथि चुनें (Kua Number पद्धति)

यह पारंपरिक "Eight Mansions / Ba Zhai Kua Number" प्रणाली है — जन्म वर्ष (चीनी सौर कैलेंडर, ~4 फ़रवरी से शुरू) व लिंग से निकाली गई सांकेतिक/सांस्कृतिक जानकारी है, भौतिक/वैज्ञानिक आकलन नहीं।
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प्लॉट पर खड़े होकर अपने फ़ोन का असली Compass ऐप खोलें (iPhone में पहले से मौजूद "Compass", Android में भी अक्सर पहले से या Play Store से मुफ़्त) — वहां जो डिग्री दिखे, नीचे टाइप कर दें।

⭐ पद-विन्यास विधि चुनें

दोनों तरीकों का मक़सद एक ही है (32-पद विभाजन, मर्म स्थान, बार चार्ट, उपाय, ऊर्जा-विश्लेषण — सब कुछ दोनों में उपलब्ध है), बस देखने/बनाने का तरीका अलग है। एक चुनें — नीचे सिर्फ़ वही कार्ड दिखेगा, जगह बर्बाद नहीं होगी।

2. प्लॉट का आकार

⭐ मोड — विस्तृत मंडल (GeoGebra-शैली)

यह मोड 1 (सीधा प्लॉट) जैसा ही इनपुट लेता है, पर साथ में केंद्र से सिकुड़े हुए दो अतिरिक्त स्तर (0.778 और 0.333 गुना — पिशाच वीथी व ब्रह्मस्थान की सीमा) और उन्हें जोड़ने वाली तिरछी रेखाएं भी दिखाता है, जैसा असली GeoGebra गणना में मिला। आप चाहें तो सिर्फ़ मोड 1 (ऊपर) इस्तेमाल करें, या यह विस्तृत मोड — दोनों साथ उपलब्ध हैं।
डायग्राम में किसी भी देवता-पद पर टैप करें — उसका धर्म/गुण/दोष तुरंत नीचे दिखेगा। हरा = शुभ द्वार, लाल = ऊर्जा-असंतुलित।
डायग्राम पर दो बार टैप करें — असली दूरी (फ़ीट में) यहां दिख जाएगी।
#देव पददूरी (बिंदु से बिंदु)

ऊर्जा वितरण — बार चार्ट

⭐ ऊर्जा-संतुलन विश्लेषण (Energy Balance)

बराबर परिधि वाले आदर्श वर्ग से तुलना — मुख्य मोड जैसी ही गणना।

मर्म स्थान

ब्रह्मनाभि + महा-मर्म (9)   उप-मर्म (32, विकर्ण-रज्जू कटान)
डायग्राम पर टैप करें — नज़दीकी मर्म स्थान और उसकी दूरी नीचे दिखेगी
चालू करके डायग्राम पर दो बिंदु टैप करें — असली दूरी फ़ीट में यहां दिखेगी।
#प्रकारकेंद्र से दूरी
ब्रह्मा + मनुष्य विधि (केंद्रीय 13 देवता) — गुण, दोष व महत्व
✅ केंद्र के सभी 13 आंतरिक देवता (ब्रह्मा + 4 देव-वीथी + 8 कोणीय — आप, आपवत्स, सविता, सावित्र, इंद्र, इंद्रजय, रुद्र, रुद्रजय) अब मयमतम/विश्वकर्म प्रकाश/बृहत्संहिता के अनुसार पूरी तरह दर्ज हैं — ऊपर "ब्रह्मा + मनुष्य विधि" में देखें। डायग्राम में इनकी सटीक 9×9 सेल-सीमा जोड़ना अभी बाकी है।
घर से बाहर निकलते हुए फ्रंट-दीवार की डिग्री बताएं, प्लॉट की माप दें, और बताएं कि दरवाज़ा (बाहर निकलते हुए) दीवार के किस हिस्से में है — सॉफ्टवेयर सीधे बताएगा कि आपका मुख्य द्वार किस देवता-पद पर है और उसका गुण-दोष क्या है।
अपनी समस्या अपने शब्दों में लिखें (जैसे "पैसा नहीं रुकता" या "बच्चे जिद्दी हैं") — सॉफ्टवेयर हमारे देवता-डेटा में मिलते-जुलते शब्द ढूंढकर संबंधित पद/देवता बता देगा। यह असली AI/ज्योतिषी नहीं, सिर्फ़ हमारे संग्रहीत डेटा में शब्द-मिलान है — सटीक सलाह के लिए वास्तु विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।
कोनों पर टैप करके पिन लगाएं। किसी पिन को दबाकर खींचने (drag) से उसकी जगह ठीक कर सकते हैं।
अगर दोनों भरे हों, तो देवता-दूरियां असली फ़ीट में दिखेंगी; खाली छोड़ने पर सिर्फ़ पिक्सेल में (पहले जैसा)।
⭐ ज़्यादा-कोने वाले प्लॉट के लिए — हर दीवार (सेगमेंट) की असली लंबाई डालें
4 से ज़्यादा कोने वाले प्लॉट के लिए यह ऊपर वाली "लंबाई/चौड़ाई" से ज़्यादा सटीक है — क्योंकि हर दीवार की अपनी असली नापी हुई लंबाई इस्तेमाल होती है, सिर्फ़ एक कोने-से-कोने का अंदाज़ा नहीं। पहले ऊपर "सेगमेंट-नंबर दिखाएं" चालू करें, फिर यहां बटन दबाएं।
चालू करते ही एक क्रॉप-बॉक्स दिखेगा — कोनों को खींचकर आकार बदलें, या बीच से खींचकर पूरा बॉक्स खिसकाएं (ठीक फ़ोन के फ़ोटो-एडिटर जैसा)। सही जगह आने पर "क्रॉप लागू करें" दबाएं।

दूर बैठे सैटेलाइट मैप से डिग्री निकालें (मैन्युअल)

इमेज पर उत्तर दिशा (सड़क/इमारत के आधार पर) से मिलाते हुए नीचे स्लाइडर घुमाएं — कंपास-ओवरले भी उसी हिसाब से घूमेगा।
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चालू करने पर हर पिन-पिन के बीच की दीवार पर नंबर दिखेगा (जैसे पिन1→पिन2 = सेगमेंट 1)। उस दीवार पर खड़े होकर असली कंपास से जो डिग्री मिले, वह नीचे डालें — पूरा आकार उसी हिसाब से घूम जाएगा।
यह टॉगल बंद हो तो मर्म स्थान बिल्कुल नहीं दिखेगा — सिर्फ़ पद-विन्यास (32 पद / GeoGebra लेआउट) दिखेगा। चालू करने पर सिर्फ़ मर्म स्थान (लाल/नीले बिंदु) दिखेंगे, पद-विन्यास की रेखाएं उस समय छुप जाएंगी — ताकि दोनों एक साथ मिलकर उलझन न बनाएं।
चालू करने पर सिर्फ़ पिन के गोल निशान व जोड़ने वाली रेखा छुप जाते हैं — पद-विन्यास/मर्म पूरी तरह सही और स्थायी बना रहता है, चाहे पिन-निशान दिखें या छुपे रहें। PDF/PNG लेने से पहले इसे चालू कर लें तो साफ़, बिना-पिन वाला परिणाम मिलेगा।
डिफ़ॉल्ट रूप से हर PDF पर वास्तु विद सुनील कुमार आर्यन की ब्रांडिंग जाती है। अपनी खुद की ब्रांडिंग डालने के लिए पेड लाइसेंस कोड चाहिए।
चारों मोड के फायदे (टैप करके देखें)

मोड 1 — सीधा प्लॉट:
सीधे प्लॉट की माप डालकर तुरंत आयादि षड्वर्ग निकालना। छोटे आवासीय निर्माण, कमरों की माप, या रोज़मर्रा की वस्तुओं की लंबाई-चौड़ाई तय करने के लिए सबसे तेज़ तरीका।

मोड 2 — स्थपति परिवार-अनुनाद सिस्टम:
घर के सभी सदस्यों के नाम से नक्षत्र निकालकर, भवन-नक्षत्र के साथ तारा-बल मिलान करता है। परिवार के हर सदस्य के लिए माप अनुकूल है या नहीं, यह जांचने के लिए उपयोगी — रिहायशी घर बनाते समय सबसे उपयुक्त।

मोड 3 — स्वतंत्र भुजा:
प्लॉट की चारों भुजाएं (पूर्व/पश्चिम/उत्तर/दक्षिण) अलग-अलग बदलकर अनुकूल माप खोजना, बजाय दोनों जोड़ों को साथ बदलने के। जब प्लॉट पूरी तरह नियमित आयत न हो, या किसी एक तरफ ही ज़्यादा जगह घटानी हो, तब ज़्यादा सटीक विकल्प देता है।

मोड 4 — अष्टवर्ग (8-कारक):
षड्वर्ग के छह कारकों (आय, व्यय, योनि, नक्षत्र, वार, आयु) के साथ-साथ तिथि और अंश भी जोड़ता है। तिथि से घर में रहने वालों की मानसिक शांति व वैवाहिक तालमेल का पता चलता है; अंश से भूमि के सूक्ष्म स्वभाव (इंद्र अंश-वैभव, राजा अंश-नेतृत्व, यम अंश-कष्ट) का पता चलता है। बड़े औद्योगिक/व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स, मंदिरों और पूरे भवन के मुख्य बाहरी लेआउट को सिद्ध करने के लिए सबसे गहन विधि — समरांगण सूत्रधार व मयमतम पर आधारित।

प्लॉट की चारों भुजाएं अलग-अलग डालें (यदि सभी बराबर हों तो चारों में एक जैसा माप भरें)।
फ़ीट भरते ही कर्सर अपने-आप इंच वाले फ़ील्ड में चला जाएगा।
यह आयादि षड्वर्ग गणना समरांगण सूत्रधार एवं वास्तु-शास्त्रज्ञ डॉ. वी. गणपति स्थपति द्वारा प्रतिपादित पारंपरिक सिद्धांतों पर आधारित है।
पहले ऊपर "विश्लेषण करें" दबाकर मूलांक/भाग्यांक निकाल लें, फिर यहां से समस्या चुनें।
ऊपर के विश्लेषण में जो भी दोष/गायब अंक मिले, उनके लिए सुझाई गई रेमेडी यहां से सीधे मंगवा सकते हैं।
मयमतम्, विश्वकर्म प्रकाश व समरांगण सूत्रधार की परंपरा पर आधारित — बिना तोड़-फोड़ के द्रव्य-विन्यास व ऊर्जा-विन्यास उपाय। दिशा चुनें:
वास्तु विद सुनील कुमार आर्यन से सीखें — इंडस्ट्रियल व रेजिडेंशियल वास्तु ट्रेनिंग।
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